Tuesday, October 25, 2022
Friday, September 23, 2022
Friday, July 22, 2022
SPLIT UP OF SYLLABUS CLASS VI TO VIII.pdf
Thursday, June 30, 2022
National Doctor’s Day 2022 (01 JULY 2022)
Friday, June 17, 2022
Wednesday, June 15, 2022
Personality of the Month : Rabindra Nath Tagore
इस माह के विशिष्ट व्यक्तित्व - रबीन्द्रनाथ टैगोर ( 161st BIRTH ANNIVERSARY OF "GURUDEV" 07 MAY 2021)
Friday, June 10, 2022
भारतीय संविधान के 10 एपिसोड
🎯 भारतीय संविधान के 10 एपिसोड 🎯
भाग-1 https://youtu.be/0U9KDQnIsNk
भाग-2
भाग-3
भाग- 4
भाग- 5
भाग-6
भाग-7
भाग-8
भाग-9
भाग-10
Very imp.. see all episodes in details
Tuesday, June 7, 2022
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस World Food Safety Day 2021 (07 June 2022)
World Food Safety Day 2021 (07 June 2021)
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस
7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (World Food Safety Day) मनाया जा रहा है। इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 2018 में खाद्य और कृषि संगठन के सहयोग से अपनाया गया था। इसके बाद पहली बार साल 2019 में इसे मनाया गया था। इस हिसाब से दुनिया 7 जून को तीसरी बार ‘वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे’ मनाएगी। डब्लूएचओ (WHO) के अनुसार, इससे फूड सेफ्टी को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाई जा सकती है और विश्व स्तर पर फूड से होने वाली बीमारियों को भी ध्यान में लाया जा सकता है। कृषि द्वारा उगाया जाने वाला अनाज खाद्य पदार्थ व्यर्थ ना हो। क्योंकि विश्व में बहुत से लोग भूखे पेट सोते हैं तो उनकी भूख की पूर्ति के लिए खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है।
"Safe food today for a healthy tomorrow"
तीसरा विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (डब्ल्यूएफएसडी) 7 जून 2021 को मनाया जाएगा, ताकि खाद्य सुरक्षा, मानव स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि, कृषि, बाजार पहुंच, पर्यटन में योगदान को रोकने, पता लगाने और प्रबंधन करने में मदद करने के लिए ध्यान आकर्षित किया जा सके।
संयुक्त राष्ट्र ने अपनी दो एजेंसियों – खाद्य और कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization- FAO) तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization- WHO) को दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए नामित किया है। इसके अलावा ‘खाद्य सुरक्षा क्यों आवश्यक है और इसे कैसे हासिल किया जा सकता है?’ इस पर चर्चा करने के लिये संयुक्त राष्ट्र ने दिशा-निर्देश विकसित किये हैं। इसके पाँच मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-
– सरकारों को सभी के लिये सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना चाहिये।
– कृषि और खाद्य उत्पादन में अच्छी प्रथाओं को अपनाने की आवश्यकता है।
– व्यापार करने वालों लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिये कि खाद्य पदार्थ सुरक्षित है।
– सभी उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वस्थ और पौष्टिक भोजन प्राप्त करने का अधिकार है।
– खाद्य सुरक्षा हम सबकी एक साझा ज़िम्मेदारी है।
– ‘सुरक्षित, पौष्टिक और पर्याप्त भोजन’ अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ ही भूख जैसी समस्या को समाप्त कर सकता है।
"Good food end with good talk"
"I am a better person when I have less on my plate"
Sunday, June 5, 2022
WORLD ENVIRONMENT DAY (05 JUNE)

ABOUT WORLD ENVIRONMENT DAY
THE THEME
Since 1974, World Environment Day has been celebrated every year on 5 June, engaging governments, businesses and citizens in an effort to address pressing environmental issues.
For too long, we have been exploiting and destroying our planet’s ecosystems. Every three seconds, the world loses enough forest to cover a football pitch and over the last century we have destroyed half of our wetlands. As much as 50 per cent of our coral reefs have already been lost and up to 90 per cent of coral reefs could be lost by 2050, even if global warming is limited to an increase of 1.5°C.
Ecosystem restoration means preventing, halting and reversing this damage – to go from exploiting nature to healing it. This World Environment Day will kick off the UN Decade on Ecosystem Restoration, a global mission to revive billions of hectares, from forests to farmlands, from the top of mountains to the depth of the sea.
Only with healthy ecosystems can we enhance people’s livelihoods, counteract climate change and stop the collapse of biodiversity.
Everybody living on this planet, in this moment in time can be a part of #GenerationRestoration
Every World Environment Day is hosted by a different country in which official celebrations take place. This year's host is Pakistan.\
हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. लोगों में पर्यावरण जागरूकता को जगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित विश्व पर्यावरण दिवस दुनिया का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन है. इसका मुख्य उद्देश्य हमारी प्रकृति की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाना और दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों को देखना है.
विश्व पर्यावरण दिवस लगभग 100 से भी अधिक देशों के लोगों के द्वारा 5 जून को मनाया जाता है. इसकी घोषणा और स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा 1972 में हुई थी, हालांकि इस कार्यक्रम को हर साल मनाने की शुरुआत 1973 से हुई. इसका वार्षिक कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के द्वारा घोषित की गई विशेष थीम या विषय पर आधारित होता है.
इस अभियान का समारोह प्रत्येक वर्ष अलग-अलग शहरों के द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसके दौरान पूरे सप्ताह अन्तर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियाँ लगाई जाती है. इस अभियान के आयोजन के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र लोगों को पर्यावरण के बारे में जागरुकता और प्रोत्साहन को बढ़ावा देता है. यह सकारात्मक सार्वजनिक गतिविधियाँ और राजनीतिक ध्यान प्राप्त करने के लिए प्रभावी वार्षिक अभियान है.
इसे अधिक प्रभावी बनाने और वर्ष की विशेष थीम या विषय के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. विभिन्न क्रियाएं; जैसे- निबंध लेखन, पैराग्राफ लेखन, भाषण, नाटक का आयोजन, सड़क रैलियाँ, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कला और चित्रकला प्रतियोगिता, परेड, वाद-विवाद, आदि का आयोजन किया जाता है. लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता लाने के लिए अन्य प्रकार की प्रदर्शनियों को भी आयोजित किया जाता है. यह सामान्य जनता सहित शिक्षाविदों, पर्यावरणविदों, प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों, राजनीतिज्ञों, आदि के समूहों को आकर्षित करता है.
मेजबान शहर के अलावा विश्व पर्यावरण दिवस वाले दिन, यह अन्य देशों के द्वारा वैयक्तिक रुप से अपने राज्यों, शहरों, घरों, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों आदि पर परेडों और सफाई गतिविधियाँ, रीसाइक्लिंग पहल, वृक्षारोपण के साथ सभी प्रकार की हरियाली वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और लोगों को इस खूबसूरत ग्रह की बुरी परिस्थितियों की ओर ध्यान देने के लिए आयोजित किया जाता है. इस दिन सार्वजनिक अवकाश नहीं होता इस प्रकार सभी स्कूल और कार्यालय खुले रहते हैं और कोई भी अवकाश नहीं लेता है.
यह कार्यक्रम इस पृथ्वी की सुन्दरता को बनाए रखने के लिए कुछ सकारात्मक गतिविधियों के लिए एकसाथ कार्य करने की एक पहल है. हमें पूरे सालभर कार्यक्रम के उद्देश्यों को अपने ध्यान में रखना चाहिए और उन्हें वृक्षारोपण के माध्यम से आसपास के वातावरण को सुन्दर बनाने और साफ-सफाई, पानी की बचत, बिजली का कम प्रयोग, जैविक और स्थानीय खाद्य पदार्थों का उपयोग, जंगली जीवन की सुरक्षा आदि बहुत सी गतिविधियों को कार्यरुप में बदलना चाहिए. जीवन के लिए हमारे पास एकमात्र यही ग्रह है, यह हमारा घर है और हम सभी इसकी प्राकृतिक सुन्दरता को सदैव के लिए बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है.
विश्व पर्यावरण दिवस एक अभियान है, जो प्रत्येक वर्ष 5 जून को, विश्वभर में पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है. इस अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केन्द्रित करने और हमारे ग्रह पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव का भाग बनने के लिए लोगों को प्रेरित करना है.
विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास
विश्व पर्यावरण दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा मानव पर्यावरण के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अवसर पर 1972 में हुई थी. हालांकि, यह अभियान सबसे पहले 5 जून 1973 को मनाया गया. यह प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है और इसका कार्यक्रम विशेषरुप से, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किए गए वार्षिक विषय पर आधारित होता है.
विश्व पर्यावरण दिवस
यह कार्यक्रम एक शहर के द्वारा आयोजित किया जाता है, जहाँ पर्यावरण से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाती है, जिसमें बहुत सी गतिविधियों को शामिल किया जाता है. हमारे वातावरण की सुरक्षा के लिए विश्वभर में लोगों को कुछ सकारात्मक गतिविधियाँ के लिए प्रोत्साहित और जागरुक करने के लिए यह दिन संयुक्त राष्ट्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन है. अब, यह 100 से भी अधिक देशों में लोगों तक पहुँचने के लिए बड़ा वैश्विक मंच बन गया है.
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियाँ
विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम भारत में विशेषरुप से, स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मनाया जाता है. विद्यार्थियों के मध्य जागरुकता पैदा करने के लिए अध्यापक कुछ प्रभावी कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाते है; जैसे- निबंध लेखन, भाषण देना, शिक्षा, विषय चर्चा, स्लाइड शो, क्विज प्रतियोगिता, कला प्रतियोगिता, बैनर प्रदर्शन, सेमिनार, संगोष्ठियों, निर्धारित विषय पर कार्यशालाएं, चित्रकला प्रतियोगिता, संबंधित विषय पर व्याख्यान, थीम पर आधारित प्रदर्शन, फिल्मी शो, कथन लेखन, आदि. हमारे वातावरण की सुरक्षा के सन्दर्भ में विद्यार्थियों को सकारात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.
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Theme of 2021
QUATATIONS RELATED WITH ENVIRONMENT
हमारा पर्यावरण हमारे रवैये और अपेक्षाओं का आइना होता है।
मत काटो इन पेड़ो को इन में होती हे जान, बिन पेड़ो के हो जायेगा हम सब का जीवन सुनसान।
आओ बच्चो के साथ मनाए त्योहार, स्वस्थ जीवन के लिए दे एक पेड़ उपहार।
खेतों में शहर बसाना, कारखाना लगाना बंद करो।
पर्यावरण बचाओ आंदोलन के शहीदों को सलाम, शहादत की परंपरा को सलाम।
यह भयावह है कि पर्यावरण बचाने के लिए हमें अपनी ही सरकार से लड़ना पड़ता है।
प्रयास करें कि जब आप आये थे उसकी तुलना में पृथ्वी को एक बेहतर स्थान के रूप में छोड़ कर जाएं।
जलवायु परिवर्तन एक भयानक समस्या है, और इसे पूरी तरह से हल करने की आवश्यकता है। यह एक बहुत बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठा है यमराज वह पर
नहीं सुरक्षा है जहा पर
शुद्ध सुरक्षित उत्पादन प्रक्रिया
सुरक्षित कार्य की है ये विद्या.
सुरक्षा से नाता जोड़ो
असुरक्षित कार्य से मुह मोड़ो
अमीरों की अमीरी से, कंपनियों की मुनाफाखोरी से पर्यावरण को खतरा है।
"मानवजाति ने शायद पहले के कुल मानव इतिहास की तुलना में २० वीं सदी में पृथ्वी को अधिक नुकसान पहुँचाया है।" ~ जैक्स यवेस कॉस्ट्यो
"ये समय इलेक्ट्रिक कारों के लिए उपयुक्त है – वास्तव में ये समय बेहद ज़रूरी है।" ~ कार्लोस घोसन
"आर्थिक लाभ के लिए वर्षावन नष्ट करना कोई भोजन पकाने के लिए किसी रेनेसेन्स पेंटिंग को जलाने की तरह है।" ~ ई ओ विल्सन
"हो सकता है आप मतदाताओं को बेवकूफ बना लें पर आप वातावरण को बेवकूफ नहीं बना सकते।"~ डोनेला मेडोज्
ग्लोबल वार्मिंग का दुष्परिणाम है दुनिया के सामने |
पर्यावरण की रक्षा सूत्र होंगे सबको अपनाने||
ग्लोबल वार्मिंग से है खतरे में जान |
पर्यावरण की रक्षा करना सबकी शान||
ग्लोबल वार्मिंग से खतरे है भरपूर |
पर्यावरण की रक्षा से कर सकते है दूर||
अगर रहेगा पृथ्वी का तापमान सामान्य |
तब धरती होगी स्वर्ग सामान ||
जीवन का है यह अधिकार |
विश्व रहे सदा हरियालीदार ||
हरियाली से है जिसका नाता |
सुख समृद्धि वह ही पाता ||
धरती का बढ़ता तापमान रोकिये |
धरती को सुरक्षित कीजिये ||
धरती का तापमान बढ़ने से समुद्र का बढ़ेगा जल स्तर |
कई शहर हो जायेंगे समुद्र के अंदर ||
बेतहासा तापमान बढ़ना है खरतनाक |
मानवता की रक्षा के लिए लगयिये रोक ||
ऐसा डेवलपमेंट है बेकार |
जिससे मानव जीवन को खतरे हो बरक़रार ||
धरती का बढ़ता तापमान |
धरती में घटता इंसान ||
तापमान होगा नियंत्रित |
धरती होगी संतुलित ||
अंधाधुंध अयोद्योगिकी करण |
दना – दन धरती का क्षरण ||
धरती का बढ़ता तापमान रोकिये |
CO2 कार्बनडाइऑक्साइड में शीघ्र रोक लगाईये ||
विकसित राष्ट्र की कल्पना है बेकार
प्रदुषण के लिए अयोद्योगिकीकरण है जिम्मेदार
धरती को अगर हो बचाना |
तापमान में शीघ्र लगाम होगी लगाना ||
"यदि आप एक जंगल काट देते हैं , तो इससे फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास कितनी सॉमिल्स हैं अगर अब पेड़ ही नहीं बचे हैं।"~ सुजैन जॉर्ज
"यदि मधुमक्खी पृथिवी के मुख से गायब हो गयी तो इंसानो के पास जीवित रहने के लिए बस चार साल बचेंगे।"~ मौरिस मेटरलिंक
"एक देश जो अपनी मिटटी को नष्ट कर देता है वह खुद को नष्ट कर लेता है। जंगल हमारी भूमि के फेफड़े हैं , वे हमारी हवा को शुद्ध करते हैं और लोगों को नयी ताकत देते हैं।"~ फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट
"मैं खुश हूँ कि मैं ऐसे भविष्य में युवा नहीं होऊंगा जिसमे जंगल ना हों।"~ आल्डो लियोपोल्ड
"वो जो मधुमक्खी के छत्ते के लिए ठीक नहीं है वो मधुमक्खी के लिए भी अच्छा नहीं हो सकता।"~ मार्कस औरेलियस